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फर्जीवाड़ा कर बिकी 77 बाइक बरामद, गिरोह के 4 सदस्य पकड़े गए

लखनऊ गांधी ग्राम थाना पीजीआई क्षेत्र में रहने वाला रवि मसीह नाम का व्यक्ति इस गिरोह का मुखिया है।

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बाराबंकी (संदेशवाहक न्यूज़ डेस्क)। एजेंसी से बिकी बाइक या स्कूटी के कागजों में जालसाजी कर उन्ही अभिलेखों के आधार पर दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर एक गाड़ी और फाइनेंस कराई और उसे सस्ते दाम पर ग्राहक फंसा कर बेच दिया। ग्राहक बाइक लेकर घूमता रहता है और फाइनेंस कंपनी बैंक को चपत लगाकर गैंग मौज मारता रहता है। ऐसे ही चार लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इस गोरखधंधा का खुलासा किया और बेची गयी 77 बाइक बरामद कर ली। इस गैंग का साथ बैंक बाइक एजेंसी और बीमा कंपनियों के कर्मचारी भी देते थे।

एसपी डॉ अरविंद चतुर्वेदी ने आज इस गुडवर्क का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि लखनऊ गांधी ग्राम थाना पीजीआई क्षेत्र में रहने वाला रवि मसीह नाम का व्यक्ति इस गिरोह का मुखिया है। ज्यादातर फर्जीवाड़े के काम लखनऊ में ही किया जाता था। एचडीएफसी बैंक में फर्जी कागज लगाकर तेलीबाग, कमता चिनहट, उतरेठिया की सन मोटर्स, सुनील ऑटो, श्रेया ऑटो मोबाइल से गाड़ी इनवॉइस पेपर तैयार कर फाइनेंस करवा लेते थे। लखनऊ के ही एआरटीओ दफ्तर में इनका रजिस्ट्रेशन कराया जाता था। नई बाइक फर्जी कागज लगाकर बिक्री के लिए तैयार हो जाती थी।

जिले में 4 सदस्य गिरफ्तार, 5 फरार

इस बाइक को जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगो को बेचना होता था। ये काम अंजर पीरबटावन कफील अहमद नबीगंज सुरेंद्र बरैया जैदपुर और बेलहरा का पुन्ना करता था। नई बाइक 10-15 हजार सस्ती बताकर ग्राहक को समझाया जाता था कि बाइक फाइनेंस पर है कैंटीन से ली गई है एक साल बाद आपके नाम ट्रांसफर हो जाएगी। इस गिरोह के पांच और सदस्य फिरोज रेहान मंसूर उबैद और मन्नान अभी फरार हैं इनकी खोज की जा रही है।

असली खरीदार के कागजों में बदलते थे फोटो

दरअसल इस जालसाजी की शुरुआत एक सच्चाई से की जाती है जिसमे वास्तव में फाइनेंस पर ली गयी एक बाइक के खरीदार की आईडी व अन्य कागज का इस्तेमाल किया जाता है बस फोटो बदली जाती है। फाइनेंस कंपनी जब उसकी आईडी के मुताबिक उसके पते पर पहुंचती है तो वो यही बताता है कि बाइक तो उसने खरीदी है वो ये है लेकिन जिसे आप खोज रहे हो मैं नहीं जानता।
इस गैंग ने ऐसे ही सैकड़ो बाइक बेच डालीं। लखनऊ हुसैन गंज पुलिस ने इस गिरोह के चार लोगों को पकड़ा था।

सस्ती के लालच में 77 बाइक गंवाई

बरामद की गई बाइक

जिले की मोहम्मदपुर खाला पुलिस इस गिरोह को खोज रही थी। उसने जिले के चार लोगों को पकड़ा और बेची गयी 77 बाइक उन खरीदारों से हासिल की जो फर्जीवाड़ा कर बेची गयी थी। इस खेल में फाइनेंस कंपनी और बैंक को चपत लगी है, सस्ती बाइक के चक्कर मे इन्हें खरीदने वाले लोगों को भी झटका लगा। उनका 30 से 40 हजार रुपया डूब गया। क्योंकि बरामद बाइक में 4 बुलेट , 4 अपाचे 49 स्प्लेंडर प्लस व सुपर स्प्लेंडर और 3 टीवीएस, हांडा डीलक्स 13 व 2 स्कूटी और 2 यामहा बाइक हैं। इन 77 बाइक में सिर्फ एक अपाचे का रजिस्ट्रेशन बाराबंकी का है बाकी सब लखनऊ में पंजीकृत कराई गई है।

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