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जन्मभूमि पर मनाई जाएगी गणिनी प्रमुख की 86 वीं जन्म जयंती

11 से 13 अक्टूबर तक विविध आयोजन में विश्वशांति अहिंसा समेलन व महाअनुष्ठान होगा

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बाराबंकी (संदेशवाहक न्यूज डेस्क)। जैन समाज की सर्वोच्च साधिका भारत गौरव गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माता जी की 86 वीं जन्म जयंती उत्सव पूर्वक मनाई जाएगी। आर्यिका माता जी के सानिध्य में उनकी ही जन्मभूमि टिकैतनगर में 11 से 13 अक्टूबर तक विश्वशांति अहिंसा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

इस पूरे आयोजन की कमान सकल दिगम्बर जैन समाज टिकैतनगर बाराबंकी ने सम्भाल रखी है। समाज के महामंत्री निकलंक जैन बताते हैं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी द्वारा उद्घाटित और प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी अंतरराष्ट्रीय मुनि दीक्षा शताब्दी वर्ष के अंतर्गत ये कार्यक्रम होगा।

संघस्थ साधुगण के साथ टिकैतनगर में हैं आर्यिका शिरोमणि

आर्यिका माता जी अपने संघस्थ साधुगण के साथ टिकैतनगर में है। माता श्री के संघ में पीठाधीश रविन्दरकीर्ति स्वामी जी का निर्देशन रहेगा। प्रज्ञाश्रमणी आर्यिकारत्न श्री चंदनामती माता जी का मार्गदर्शन रहेगा। मंगल कार्यक्रम के पहले दिन 11 अक्टूबर को संगोष्ठी मनमोहक नृत्य व नाटक 12 को शरद पूर्णिमा मेला शाम की आरती विनयांजलि सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।13 अक्टूबर को पूज्य माता जी का 68 वां संयम दिवस और 86 वीं जन्म जयंती पर सम्मेलन व रूपेश जैन की सांस्कृतिक संध्या होगी। इसके अलावा सुबह 7 बजे महाअनुष्ठान होगा इसमे 86 इन्द्र इन्द्राणियों द्वारा मनोकामना सिद्धि विधान किया जाएगा।

समारोह की अध्यक्षता आगरा के पी एन सी प्रदीप जैन करेंगे। 13 को मुम्बई के पराग जैन को गणिनी ज्ञानमती पुरस्कार समर्पण होगा। इस पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पारस चैनल पर 13 अक्टूबर को सुबह 6 से 8 और दोपहर 2 से 5 बजे तक होगा।

गिनीज बुक में दर्ज है प्रेरणा से बनी भगवान ऋषभ देव प्रतिमा
महामंत्री ने बताया कि पूज्य माता जी की जननी माँ आर्यिका श्री रत्नमती माता जी की स्मृति इस पूरे कार्यक्रम की आभा है । गणिनीप्रमुख की प्रेरणा से ही ऋषभगिरि मांगीतुंगी नासिक महाराष्ट्र में अखण्ड पाषाण में निर्मित 108 फुट की ऋषभ देव प्रतिमा गिनीज बुक ऑफ वर्ड रिकार्ड में दर्ज है। इस समय आयोजक कमेटी और स्वयं महामंत्री पूरे जोर शोर से कार्यक्रम का निमंत्रण लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

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