- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

मजबूर हुए तो उतरेंगे सड़क पर और करेंगे आंदोलन

जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने पत्रकार वार्ता कर सरकार को दी चेतावनी,प्रबंधन की वादाखिलाफी और हठ​धर्मिता से संगठन के पदाधिकारियों में है नाराजगी

0 822

लखनऊ।(संदेशवाहक न्यूज) बिजली प्रबंधन की हठधर्मिता और वादाखिलाफी के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन की ओर से प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि हमारीे मांगों को प्रबंधन नहीं मानता है और अवर अभियंताओं के उत्पीड़न पर कोई ठोस कार्रवाई या निर्णय नहीं लेता है तो हम आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन छेड़ देंगे। इसके बाद की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रबंधन की होगी।

संगठन की ओर से साफ तौर पर कहा गया कि प्रबंधन की ओर से लगातार हमारी मांगों को अनदेखी की जा रही है, बार—बार वादा करने के बाद नकार दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसी भी घटना के लिए प्रमुखता से जूनियर अभियंताओं को दोषी ठहरा दिया जाता है। अब हम ऐसा नहीं करने देंगे। प्रबंधन को अपने रवैये के प्रति बदलावा लाना होगा। यदि इन चेतावनियों के बाद भी हमारा उत्पीड़न जारी रहेगा तो हम काम—काज को ठप कर सरकार और प्रबंधन को मुंहतोड़ जवाब देंगे। य​ह सभी चेतावनी संगठन के नेताओं, पदाधिकारियों और महासचिव जय प्रकाश, अध्यक्ष आरके त्रिवेदी की ओर से प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान दी गई। पत्रकार वार्ता के दौरान संगठन के पदाधिकारियों के चेहरों पर प्रबंधन की ओर से निजीकरण की आरे ले जाने वाले कोशिशों का सिकन देखने को मिल रहा था। पदाधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस दौरान निजीकरण हमारी प्राथमिकताओं में तो नहीं है, लेकिन यदि प्रबंधन निजीकरण को लेकर गतिविधियों को तेज करेगा तो इसे मुख्य मांगों में शामिल कर दिया जाएगा। हालांकि पदाधिकारियों को यह पता था कि निजीकरण के लिए कुछ कंपनियां आज राजधानी में आई हैं।

वार्ता के दौरान जय प्रकाश ने बताया कि प्रबंधन की ओर से हमारी मांगों लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। आज के दौर में तो य​ह स्थिति हो गया है कि प्रबंधन वादा करने के बाद भी मुकर जा रहा है। जिससे अब प्रबंधन की मौखिक बातों को कोई अस्तित्व नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि हमारे संगठन के सभी पदाधिकारी, कर्मचारी और सदस्य प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन लेकिन प्रबंधन द्वारा संसाधनों का मुहैया नहीं कराया जाना उनकी कोशिशों पर पानी फेर दे रहा है। अभियंताओं पर बिना संसाधनेां के ही बेहतर आपूर्ति और राजस्व वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही हमारे साथियों पर बिना कारणों के ही उत्पीड़न किया जा रहा है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही जय प्रकाश ने बताया कि प्रबंधन इतनी हठधर्मिता अपनाये हुए है कि संगठन के जायज मांगों से भी नजरे फेर ले रहा है। जिससे अभियंताओं में आक्रोश भरा हुआ है।

इस तरह से संगठन जतायेगा विरोध— पांच अगस्त से 14 अगस्त के बीच संगठन के सदस्य और पदाधिकारी पूरे प्रदेश में वर्क टू रुल काम करते रहेंगे। इस दौरान हम लोगों के साथ कोई छेड़छाड़ किया गया या सरकार की ओर से कार्रवाई की गई तो उसी दौर में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। 19 और 20 अगस्त को प्रदेश के सभी मुख्यालयों पर अभियंताओं की ओर से ध्यानाकर्षण कराया जाएगा। 29 अगस्त को छोड़कर 26 से 30 अगस्त के बीच सभी दिनों में ध्यानाकर्षण कराया जाएगा। साथ ही तीन सितम्बर को मशाल जूलुस भी निकाला जाएगा। इसके बाद भी प्रबंधन हमारी मांगों के प्रति संजीदा नहीं होता है तो 11 सितम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करा दिया जाएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

five × 5 =