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मुख्तार अंसारी के बेटे के आवास पर छापा, छह विदेशी असलहे-4431 कारतूस बरामद

नई दिल्ली स्थित आवास से लखनऊ पुलिस ने छह असलहे बरामद किए हैं। यही नहीं आरोपित के यहां से बड़ी मात्रा में कारतूस भी मिले हैं।

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लखनऊ (संदेशवाहक न्यूज डेस्क)। बाहुबली विधायक कहे जाने वाले मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के बसंतकुंज नई दिल्ली स्थित आवास से लखनऊ पुलिस ने छह असलहे बरामद किए हैं। यही नहीं आरोपित के यहां से बड़ी मात्रा में कारतूस भी मिले हैं। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि महानगर कोतवाली में दर्ज जालसाजी के मुकदमे में यह कार्रवाई की गई है। क्राइम ब्रांच को विवेचना दी गई थी। अब्बास के घर से अलग-अलग बोर के कुल 4431 कारतूस मिले हैं। आरोपित के खिलाफ महानगर पुलिस ने दर्ज एफआइआर में धाराओं की बढ़ोतरी भी की है।

बता दें कि अब्बास अंसारी ने एक ही लाइसेंस पर पांच असलहे खरीद लिए थे। आरोपित ने एक लाइसेंस बनवाया था, जिसको दिल्ली ट्रांसफर करवा लिया था। इसके बाद वहां से लाइसेंस हासिल कर अलग-अलग देशों से कीमती असलहे खरीद लिए। एसटीएफ को जब इसकी भनक लगी तो छानबीन की गई। इसके बाद अब्बास अंसारी पर एक शस्त्र लाइसेंस से अवैध ढंग से कई हथियार खरीदने के आरोप में 12 अक्टूबर को महानगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई।

विदेशो से मंगाए असलहे

आरोपित ने इटली, स्लोवेनिया और आस्ट्रिया से असलहे मंगाए थे। इनमें इटली से .12 बोर की डबल बैरल गन व अलग-अलग बोर के सेवेन स्पेयर बैरल स्लोवेनिया से तथा .12 बोर की सिंगल बैरल गन मंगाई है। वहीं लखनऊ के इंडियन आम्र्स कॉर्प से .300 बोर रायफल, दिल्ली के राजधानी ट्रेडर्स से .12 बोर डबल बैरल गन, मेरठ के शक्ति शस्त्रागार से .357 बोर रिवॉल्वर खरीदे गए हैं। इन सभी असलहों को पुलिस ने बरामद किया है। इसके अलावा तीन पिस्टल बैरल, आस्ट्रिया से मंगाई गई .380 और .40 बोर की मैगजीन, एक लोडर और कुल 4431 कारतूस मिले हैं। पुलिस बरामद कारतूसों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।

2002 में बनवाया था लाइसेंस

यूपी एसटीएफ को अब्बास के अवैध तरीके से असलहों की खरीदारी की जानकारी मिली थी। जांच में पता चला था कि अब्बास के नाम वर्ष 2002 में डीएम लखनऊ ने पेपर मिल कॉलोनी निशातगंज के पते पर डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस जारी किया था। आरोपित ने बिना प्रशासन की अनुमति के इसी लाइसेंस को नई दिल्ली बसंतकुंज स्थित किशनगंज के पते पर स्थानांतरित करवा कर खुद को विख्यात निशानेबाज बताते हुए असलहे खरीदे थे। गौरतलब है कि मुख्तार और उनके करीबी रिश्तेदारों के नाम नौ शस्त्र लाइसेंस हैं।

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