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समय रहते जवाब जरूरी

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प्रद्युम्न तिवारी।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद- 370 को हटाने पर भारत को पूरी दुनिया से मिले समर्थन ने पाकिस्तान बुरी तरह बौखला उठा है। पिछले दिनों मिली खुफिया जानकारियों से अब यह बात खुलकर सामने आ गई है। पाकिस्तान भारत को अस्थिर करने के लिए एक बार फिर आतंकी संगठनों की शरण में चला गया है। पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद का धमकी भरा पत्र लखनऊ के ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के पास आया है। यह जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को मिलते ही वह चौकस हो गई हैं। दरअसल आईएसआई ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को भारत में अशांति फैलाने की जिम्मा सौंपा है।

भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि जैश के आतंकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमले की साजिश कर सकते हैं। इतना ही नहीं आतंकियों के निशाने पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी हैं। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी भारतीय वायुसेना के ठिकानों के साथ बड़े हवाई अड्डों को भी निशाना बना सकते हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद ने इस काम के लिए आठ से 10 आतंकियों की टीम तैयार की है। ये आतंकी फिदायीन धमाके करके भयानक हमलों को अंजाम दे सकते हैं। पाकिस्तान और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद अनुच्छेद-370 को हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को जिम्मेदार मानते हैं। खुफिया जानकारियों के अनुसार आतंकियों के निशाने पर देश के 30 बड़े शहर हैं। आतंकियों की ओर से जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, जयपुर, गांधीनगर, कानपुर, लखनऊ में हमले की धमकी दी गई है। इसके अलावा वायुसेना के एयर बेसों समेत देश के चार हवाई अड्डों पर भी फिदायीन हमले हो सकते हैं।

दूसरी ओर पंजाब में खलिस्तानी आतंकी मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद पता चला है कि पाकिस्तान ने ड्रोन की सहायता से पंजाब में हथियारों की सप्लाइ शुरू कर दी है। पंजाब पुलिस की जांच में जब यह बात खुल कर सामने आई तो प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि वह ड्रोन प्रॉब्लम का जल्द से जल्द समाधान निकालें। बीते दिनों पंजाब के तरन-तारन जिले में चार खलिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से भारी मात्रा में एक-47 समेत कई हथियार बरामद किए गए थे। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हथियार ड्रोन की मदद से पाकिस्तान से डिलीवर किए गए थे। पुलिस जांच में पाया गया कि इन हथियारों को जीपीएस-फिटेड ड्रोन की मदद से सीमा पार पाकिस्तान से लाया गया है।

एक ओर जैश-ए-मोहम्मद से आईएसआई की साठगांठ दूसरी ओर सीमा पार से पाकिस्तानी ड्रोनों से हथियारों सप्लाई, दोनों हरकतें अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के नापाक इरादों की तरफ साफ इशारा है। जाहिर है कि पाकिस्तान प्रायोजित जिहादी और खालिस्तान समर्थक समूहों के साथ साथ आईएसआई की भी साजिश में शामिल हैं। पिछले दिनों थलसेना अध्यक्ष विपिन रावत ने भी कहा था कि बालाकोट फिर से आतंकी शिविर सक्रिय हो गए हैं। ध्यान देने की बात यह है कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपने आपको कमजोर और भारत से पीड़ित बता रहा है, यह महज एक दिखावे की नौटंकी है। अंदरूनी तौर पर वह पूरी तरह भारत को एक बड़ा झटका देने की तैयारी में लगा हुआ है। इसलिए अब उसकी लाचारी के नाटक पर खुश होने के बजाय समय रहते उसे जवाब देने की जरूरत ज्यादा है। हालांकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेन्नई में यह कहा है कि हर स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बल तैयार हैं।

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