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रोबोट सोफ़िया सीएए और एनआरसी का जवाब देने में, सक्षम नहीं

दुनिया की पहली इंसानों की तरह बात करने वाली रोबोट सोफिया के पास सीएए और एनआरसी का जबाव नहीं है ।

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कोलकाता (संदेशवाहक न्यूज़ डेस्क)। दुनिया की पहली इंसानों की तरह बात करने वाली रोबोट सोफिया के पास सीएए और एनआरसी का जबाव नहीं है । दरअसल पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोबोट सोफ़िया ने पत्रकारों के सभी विषयों के सवालों पर तुरंत जवाब दिए, लेकिन जब एक पत्रकार ने सीएए और एनआरसी पर सवाल किये तो रोबोट सोफ़िया का रिएक्शन खामोश रहा और उसने कोई जवाब नहीं दिया ।

कंपनी की तरफ से बताया गया है की जब रोबोट को बनाया गया था तो उस समय सीएए और एनआरसी जैसे मुद्दे नही थे, इसलिए सीएए और एनआरसी इसके सॉफ्टवेर में नही है। बता दें दुनिया की सबसे प्रसिद्ध ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया को हांगकांग की कंपनी हैंडसम रोबोटिक ने बनाया है । कंपनी ने ऐसी किसी भी साफ्टवेयर को इसमें नहीं लगाया था, शायद इसलिए सोफिया इस सवाल के जवाब देने में सक्षम नहीं है ।

दिसंबर 2019 में मोदी सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं, विरोध कर रहे लोगों का मानना है कि यह कानून देश के लिए ठीक नहीं है । सीएए का विरोध करने वालों का मानना है कि इससे एक विशेष धर्म के लोगों की नागरिकता प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, ये क़ानून धार्मिक भेदभाव और संविधान की समानता के मूल अधिकारों का हनन करती है ।

मौजूदा सरकार का कहना है कि सीएए से देश के किसी भी नागरिक की नागरिकता प्रभावित नहीं है, यह कानून नागरिकता देने वाला है, किसी की नागरिकता छीनने वाला नहीं । ये कानून(सीएए) पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उन अल्पसंख्यकों को नागरिता देने का प्रावधान है, जो वहां रह रहें धार्मिक कारणों से पीड़ित हैं। किसी भी मुद्दे पर तुरंत जवाब देने वाली रोबोट सोफ़िया का सीएए और एनआरसी जैसे मसले पर पर ख़ामोशी हैरान करता है ।

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