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शिवसेना का ही होगा अगला सीएम- संजय राउत

महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच घमासान जारी है।

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मुंबई (संदेशवाहक न्यूज डेस्क)। महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच घमासान जारी है। इसी बीच पता चला है कि शिवसेना अपने विधायकों को रिसॉर्ट में ले जा रही है। पार्टी के नेता संजय राउत ने इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायक दृढ़ संकल्प रखते हैं और पार्टी के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस वजह से ऐसा करने की जरुरत नहीं है। जो लोग इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं उन्हें पहले अपने विधायकों की चिंता करनी चाहिए। राज्य में शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होगा।

बता दें कि राज्य की राजनीति के लिए अगले दो दिन काफी अहम होने वाले हैं। शनिवार यानी 9 नवंबर को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इस बीच चंद्रकांत पाटिल के नेतृत्व में भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करेगा।

हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र में भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बावजूद प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं हैं। इसलिए, यह बहुत हद तक संभव है कि भाजपा बैठक में सरकार बनाने का दावा नहीं करेगी।

एक शिष्टाचार मुलाकात

भाजपा नेता ने इस बात की पुष्टि की है कि यह बैठक सरकार बनाने के दावे के लिए नहीं है। यह एक शिष्टाचार मुलाकात है, जिसमें राज्य में किसानों के संकट और राजनीतिक परिदृश्य सहित कई चीजों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि जब भी हम कोई दावा करेंगे, हमारी सहयोगी शिवसेना हमारे साथ राजभवन में मौजूद होगी। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व देवेंद्र फडणवीस के अलावा कोई और नहीं करेगा जो हमारे विधायक दल के नेता हैं।

शिवसेना के मंत्रियों ने बैठक में भाग लिया

गौरतलब है कि बुधवार को शिवसेना के मंत्रियों ने देवेंद्र फड़नवीस की अध्यक्षता में एक बैठक में भाग लिया। यह बैठक किसानों को राहत को लेकर थी। विधानसभा चुनावों के बाद यह पहली बार था कि शिवसेना के मंत्रियों को देवेंद्र फड़नवीस के साथ देखा गया। हालांकि, शिवसेना के नेताओं ने साफ कर दिया कि इस बैठक में सरकार बनाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। शिवसेना अपने रुख पर कायम है।

भाजपा और शिवसेना जल्द ही सरकार बनाएंगी

इससे पहले भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि भाजपा और शिवसेना जल्द ही सरकार बनाएंगी। आज, आपने शिवसेना के 4 मंत्रियों को बैठक में शामिल होते हुए देखा और जल्द ही आपको भाजपा- शिवसेना सरकार के गठन के बारे में अच्छी खबर मिलेगी।

सरकार बनने में देरी

पिछले महीने 21 अक्टूबर के हुए विधानसभा चुनावों में 105 सीटें जीतकर भाजपा अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसके अलावा शिवसेना को 288 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीटें मिली हैं। 24 अक्टूबर को मतदान के परिणाम घोषित होने के बाद से दस दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार बनने में देरी हो रही है क्योंकि भाजपा-शिवसेना में अभी भी मतभेद कम नहीं हुए हैं। शिवसेना का दावा है कि उसने 50-50 फार्मूले पर सहमति के बाद ही भाजपा से गठबंधन किया। वहीं भाजपा इससे इन्कार कर रही है।

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