- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

उत्तर प्रदेश: 5 लाख 12 हजार करोड़ का बजट वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने किया पेश, 11 हजार करोड़ की नई योजनाएं की दी सौगात

उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा में अपना चौथा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ का बजट पेश किया, इसमें 10 हजार 967 करोड़ की नई योजनाएं शामिल हैं।

0 12

लखनऊ (संदेशवाहक न्यूज डेस्क)। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में अपना चौथा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ का बजट पेश किया, इसमें 10 हजार 967 करोड़ की नई योजनाएं शामिल हैं। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना बोले- 2017-18 का बजट किसानों को समर्पित था। 2018-19 का बजट औद्योगिक विकास व 2019-20 महिला सशक्तीकरण करने वाला था। 2020-21 का बजट युवाओं की शिक्षा, संवर्धन और रोजगार को समर्पित है।

विधानसभा में वित्तमंत्री ने गाया गीत

वित्तमंत्री बजट की प्रस्तावना पढ़ते हुए अचानक रुके और सुर में गीत गाया- गैर परो से उड़ सकते हैं, हद से हद दीवारों तक, अंबर तक तो वही उड़ेंगे जिनके अपने पर होंगे। कानून व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने एक कविता सुनाई- नफरतों की आग में जलते हुए माहौल को, इस व्यवस्था ने दिए कुछ अनौखे कायदे, एक तरफ शोर है बगावत है, माल है मुल्क है सियासत है, एक तरफ हौसले है मेहनत है, नीति है नियम है हुकूमत है।

युवाओं को प्रशिक्षण के साथ सरकार देगी भत्ता  

प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और युवा उद्यमिता विकास अभियान योजना को शुरू करने का निर्णय लिया गया है। युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ मासिक प्रशिक्षण भत्ता दिया जाएगा। कुल भत्ते में 1500 रुपए प्रतिमाह की धनराशि केंद्र सरकार द्वारा, एक हजार रुपए प्रतिमाह राज्य सरकार द्वारा व शेष राशि संबंधित उद्योग द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के संचालन से प्रदेश के उद्योगों को कुशल कारीगर व युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार भी मिलेगा। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

युवा हब बनाने के लिए मिलेंगे 50-50 करोड़ रुपए

प्रदेश के हर जिले में युवा हब बनेगा, जो युवाओं को परियोजना, परिकल्पना से लेकर एक वर्ष तक परियोजनाओं को वित्तीय मदद के साथ संचालन में सहायता प्रदान करेगा। एक हजार 200 करोड़ रुपए की धनराशि, जो युवाओं के लिए विभिन्न रोजगार में खर्च होनी है, इसी युवा हब के माध्यम से की जाएगी। इस योजना से एक लाख युवाओं को स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य है। हर जिले में युवा हब की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है। लघु उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग आदि क्षेत्रों में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार व ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले युवाओं के लिए विशेष रोजगार योजना संचालित है।

बजट में शामिल नई योजनाएं

  • सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़ में 3 नए राज्य विश्वविद्यालय।
  • प्रदेश में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना प्रस्तावित।
  • प्रयागराज मेला यूनिवर्सिटी, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय।

पुलिस विभाग   

  • अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 650 करोड़ रुपए और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 600 करोड़ रुपए।
  • नवसृजित जिलों में आवासीय व अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपए।
  • अग्निशमन केंद्र के आवासीय व अनावासीय भवनों के लिए निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपए।
  • पुलिस बल आधुनिकीकरएण योजना के लिए 122 करोड़ रुपए।
  • विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए 60 करोड़।
  • सेफ सिटी लखनऊ योजना के लिए 97 करोड़।
  • उत्तर प्रदेश पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए 20 करोड़।
  • ड्यूटी के दौरान शहीद या घायल हुए पुलिस एवं अग्निशमन सेवा के कर्मियों के परिवारों को 27 करोड़ रुपए।
  • अग्निशमन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 10 करोड़ और अग्निशमन केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था के लिए सोलर पॉवर प्लांट्स की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपए।
  • सेंट्रल विक्टिम कंपनसेशन फंड स्कीम के तहत एसिड अटैक, बलात्कार, मानव तस्करी अथवा हत्या के प्रकरणों में आर्थिक सहायता के लिए 28 करोड़ रुपए।
  • स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के लिए 16 करोड़ रुपए।
  • साइबर क्राइम प्रीवेंशन अगेंस्ट वीमेन एंड चिल्ड्रेन के लिए तीन करोड़ रुपए।
  • लखनऊ, गोरखपुर व बदायूं में महिला पीएसी वाहिनियां स्थापित हैं।
  • प्रदेश में 76 महिला थाना स्थापित हैं। लखीमपुर खीरी में दो महिला थाना व अन्य सभी जिलों में एक-एक महिला थाना है।

पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य

  • अयोध्या में उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 85 करोड़ की व्यवस्था।
  • तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था।
  • वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ की व्यवस्था
  • पर्यटन इकाई के प्रोत्साहन के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था
  • गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वाटर स्पोर्ट्स के लिए 25 करोड़ रुपये
  • काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ की व्यवस्था

महिला एवं बाल कल्याण विभाग*

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए एक हजार करोड़ की व्यवस्था।
  • निराश्रित महिला पेंशन की योजना 500 रुपए की धनराशि प्रतिमा सीधे लाभार्थियों के खाते में जा रही है इस योजना के अंतर्गत 1425 करोड़ की व्यवस्था
  • वृद्ध एवं निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास एवं जीवनयापन के लिए स्वाधार गृह योजना।
  • प्रदेश में कुपोषण की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत 4000 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

समाज कल्याण

  • वृद्धावस्था / किसान पेंशन योजना हेतु 1 हज़ार 459 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 1 हज़ार 251 करोड़ रुपए
  • राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए 500 करोड़ रुपए
  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 250 करोड़ रुपए
  • पिछड़े वर्ग के छात्र छात्राओं हेतु छात्रवर्ती योजना के लिए 1 हज़ार 375 करोड़ रुपए

अल्पसंख्यक कल्याण

  • प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के लिए 783 करोड़ रुपए।
  • मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए 479 करोड़ रुपए

न्याय व्यवस्था

  • पॉस्को एक्ट में न्याय दिलाने के लिए 218 न्यायालय गठित किए गए।
  • अब तक स्थापित महिलाओं के विरुद्ध अपराधिक कोर्ट की संख्या 81 है।
  • अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति की 25 कोर्ट तथा 13 कॉमर्शियल कोर्ट की स्थापना कराई गई
  • निर्वाचित सांसदों विधायकों के लंबित आपराधिक वादों के लिए एक स्पेशल कोर्ट गठन किया गया
  • 24 स्थाई लोक अदालत तथा 75 मोटर एक्सीडेंट क्लेम स्थापित किया गया है।

दिव्यांगजन कल्याण

  • दिव्यांग पेंशन योजना के लिए 621 करोड़ रुपए।
  • सभी 75 जिलों में शिविर लगाकर दिव्यांगजन को सुविधा के लिए 37 करोड़ रुपए की व्यवस्था लोकनिर्माण विभाग।
  • ग्रामीण मार्गों के निर्माण हेतु 2 हजार 305 करोड़ रुपए, राज्य सड़क निधि हेतु 1 हजार 500 करोड़।
  • मार्गों की मरम्मत करने के लिए 3 हजार 524 करोड़ रुपए।
  • विश्व बैंक की सहायता से प्रस्तावित उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क परियोजना के लिए 830 करोड़ रुपए।
  • उत्तर प्रदेश मुख्य ज़िला विकास परियोजना के अंतर्गत मार्ग निर्माण के लिए 755 करोड़ रुपए।
  • पूर्वांचल निधि के लिए 300 करोड़, बुंदेलखंड निधि के लिए 210 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • केंद्रीय मार्ग योजना के लिए 2 हज़ार 80 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • पुलों के निर्माण के लिए 2 हज़ार 529 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

आवास एवं नगर विकास

  • दिल्ली से मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का कार्य प्रगति में है, इसके लिए 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था
  • कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के लिए 358 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • आगरा मेट्रो रेल परियोजना के लिए 286 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • गोरखपुर तथा अन्य शहरों के लिए मेट्रो रेल हेतु प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं, जिसके लिए 200 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल की स्थापना हेतु 50 करोड़ की व्यवस्था।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

5 + 7 =